कोरोनावाइरस जैसे प्रकोप घातीय रूप से क्यों फैलते हैं, और ‘इस वक्र रेखा को समतल’ कैसे करें

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Covid-19 के पहले मामले के बाद, कोरोनावाइरस के नए स्ट्रेन से होने वाली बीमारी की घोषणा अमरीका में की गई। इसके बाद धीरे-धीरे संक्रमण के और अधिक मामलों की खबरें आने लगी। दो महीने बाद, यह एक निरंतर प्रवाह में परिवर्तित हो गया है।

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समय के साथ-साथ मामलों को देखने के लिए इसके पास जाएँ।

इस तथाकथित घातीय वक्र रेखा ने विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है। यदि मामलों की संख्या प्रत्येक तीन दिनों में दोगुनी होती रही, तो मई के अंत तक अमरीका में लगभग दस करोड़ मामले हो जाएँगे।

यह गणित है, कोई भविष्यवाणी नहीं। जन स्वास्थ्य पेशेवरों का कहना है कि इसके प्रसार को धीमा किया जा सकता है, यदि लोग अपनी गतिविधियों को सीमित रखते हुए सार्वजनिक क्षेत्रों में जाने से बचें और “सामाजिक अलगाव” को अपनाएं।

फिर भी, इसको रोकने के किसी उपाय के बिना, covid-19 महीनों तक घातीय रूप से फैलना जारी रखेगा। यह समझने के लिए कि ऐसा क्यों होगा, यह शिक्षाप्रद होगा कि एक जनसमूह में एक नकली बीमारी के संक्रमण को एक बनावटी मॉडल की मदद से समझें।

हम अपनी नकली बीमारी को सिमुलाइटिस नाम से बुलाएँगे। यह covid-19 से भी आसानी से संक्रमित होती है: जब कभी भी एक स्वस्थ व्यक्ति किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आता है, तो वह स्वस्थ व्यक्ति भी अस्वस्थ हो जाता है।

केवल पाँच लोगों के जन समूह में, सभी को सिमुलाइटिस से संक्रमित होने में बहुत अधिक समय नहीं लगा।

वास्तविक जीवन में, बेशक, लोग अंततः ठीक हो जाते हैं। एक ठीक हुआ व्यक्ति न तो सिमुलाइटिस को किसी स्वस्थ व्यक्ति को प्रसारित कर सकता है और न ही दोबारा किसी अस्वस्थ व्यक्ति के संपर्क में आने से फिर से बीमार पड़ सकता है।

चलिए देखते हैं कि यदि सिमुलाइटिस 200 लोगों के एक शहर में हो जाता है तो क्या होता है। हम उस शहर में सभी को एक अव्यवस्थित स्थिति में, अव्यवस्थित कोण पर गतिविधि करते हुए मान लेते हैं, और हम इनमें से एक व्यक्ति को बीमार कर देते हैं।

ध्यान दीजिए कि इस लाल वक्र रेखा की ढाल, जो बीमार लोगों की संख्या का प्रतिनिधित्व करती है, बीमारी के संक्रमित होते हुए तीव्रता से बढ़ती है, और लोगों के स्वस्थ होने के साथ-साथ कम हो जाती है।

हमारा छोटा सा नकली शहर – व्हाइटीएर अलास्का के जितना बड़ा है – इसलिए सिमुलाइटिस पूरी आबादी में आसानी से फैलने में सफल हुआ। यूनाइटेड स्टेट्स जैसे एक देश में, इसके 33 करोड़ लोगों के साथ, यह वक्र रेखा धीमी होने से पहले काफ़ी लंबे समय तक ऊपर की ओर बढ़ सकती है।

जब वास्तविक covid-19 की बात आती है, हम इस बात को वरीयता देंगे कि इस वाइरस के संक्रमण को धीमा किया जा सके इससे पहले कि वो यू एस की आबादी के बड़े हिस्से को प्रभावित करे। सिमुलाइटिस को धीमा करने के लिए चलिए बाध्य क्वारंटाइन बनाने की कोशिश करते हैं, जैसा चीनी सरकार ने हूबेई प्रांत में लागू किया था, जो covid-19 का शुरुआती बिंदु था।

ओह! जैसा स्वास्थ्य विशेषज्ञ अपेक्षा करते होंगे, अस्वस्थ जनसंख्या को स्वस्थ लोगों से पूरी तरह पृथक करना असंभव साबित हुआ।

लियाना वेन, बाल्टीमोर शहर की भूतपूर्व स्वास्थ्य आयुक्त, ने जनवरी में वॉशिंग्टन पोस्ट को बाध्य क्वारंटाइन की अव्यवहारिकताओं के बारे में समझाया था। “कई लोग शहरों में काम करते हैं और आस-पास के गांवों में रहते हैं, और इसका विपरीत भी उतना ही सत्य है,” वेन ने कहा। “क्या लोग अपने परिवारों से अलग हो जाएँगे ? प्रत्येक सड़क को कैसे ब्लॉक किया जाएगा? आवश्यक वस्तुएँ निवासियों तक कैसे पहुँचेंगी?”

जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के वैश्विक स्वास्थ्य विधि के प्रोफेसर लॉरेंस ओ गोस्टिन के शब्दों में, “ सत्य यह है कि इस प्रकार के लॉकडाउन बहुत असामान्य होते हैं और कभी भी प्रभावी नहीं होते।”

सौभाग्य से, एक प्रकोप को मंद करने के अन्य तरीके मौजूद हैं। सबसे पहले, स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सार्वजनिक सभाओं से दूर रहने, घर पर अधिक समय बिताने और अन्य लोगों से दूरी बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया है। यदि लोग कम गतिशील रहेंगे और एक दूसरे से परस्पर संवाद कम करेंगे, तो वाइरस के पास कम अवसर होंगे।

कुछ लोग फिर भी बाहर जाएँगे। शायद वो अपने काम या अन्य बाध्यताओं की वजह से घर पर नहीं रह सकते, या फिर वे जन स्वास्थ्य चेतावनियों को बिल्कुल महत्व नहीं देते। ऐसे लोगों की न केवल स्वयं बीमार पड़ने की संभावना अधिक है, बल्कि उनके सिमुलाइटिस के संक्रमण की संभावना भी अधिक है।

चलिए देखते हैं कि क्या होता है जब हमारी आबादी का एक चौथाई हिस्सा आस-पास की गतिविधि जारी रखता है जबकि अन्य तीन चौथाई लोग स्वास्थ्य विशेषज्ञों के शब्दों में “सामाजिक अलगाव” की रणनीति को अपनाते हैं।

अधिक सामाजिक अलगाव से और भी अधिक लोग स्वस्थ रहते हैं, लोगों को सार्वजनिक स्थानों से, उन स्थानों के आकर्षण को हटा कर दूर किया जा सकता है।

“हम सार्वजनिक स्थानों में रहने की इच्छाओं को सार्वजनिक स्थानों को बंद कर के काबू में करते हैं। इटली अपने सारे रैस्टौरेंट बंद करने जा रहा है। चीन सब कुछ बंद कर रहा है, और अब हम भी सब कुछ बंद कर रहे हैं,” एक जनसंख्या स्वास्थ्य शोधकर्ता और द थॉमस जेफरसन यूनिवरसिटी ऑफ पब्लिक हैल्थ के सहायक प्रोफेसर ड्र्यु हैरिस ने कहा। “एकत्रित होने के अवसरों को कम करने से सामाजिक अलगाव में मदद मिलती है।“

और अधिक सामाजिक अलगाव की नकल करने के लिए, एक चौथाई आबादी को चलने की अनुमति देने के बजाय, हम देखेंगे कि क्या होगा यदि हम प्रत्येक आठ में से केवल एक व्यक्ति को इसकी अनुमति दें।

जो चार बनावटी मॉडल आपने देखे – एक सभी के लिए स्वच्छंद, एक यतित क्वारंटाइन, मध्यम सामाजिक अलगाव और अत्यधिक सामाजिक अलगाव – सभी यादृच्छिक थे। इसका अर्थ है कि इस लेख को पढ़ने वाले प्रत्येक पाठक के परिणाम अनूठे थे, यदि आप ऊपर की ओर स्क्रॉल करके फिर से इन बनावटी मॉडलों को चलाएँगे, या फिर आप इस पेज पर दोबारा आएंगे, तो आपके परिणाम बदल जाएँगे।

भिन्न परिणामों के साथ भी, मध्यम सामाजिक अलगाव अमूमन यतित क्वारंटाइन से बेहतर प्रदर्शन करेगा, और अत्यधिक सामाजिक अलगाव अमूमन सभी के लिए सर्वोत्तम कार्य करेगा। नीचे आपके परिणामों की तुलना दी गई है।

बनावटी मॉडल खत्म हो रहे हैं...

सिमुलाइटिस covid-19 नहीं है, और ये बनावटी मॉडल व्यापक रूप से वास्तविक जीवन की जटिलताओं को अत्यधिक सरल बनाते हैं। लेकिन जैसे सिमुलाइटिस आपकी स्क्रीन पर उछलती गेंदों के नेटवर्क की तरह संक्रमित होता है, covid-19 हमारे मानवीय नेटवर्कों में – हमारे देशों, हमारे शहरों, हमारे कार्यस्थलों, हमारे परिवारों में फैल रहा है। और स्क्रीन पर उछलती एक गेंद की ही तरह, एक इकलौते व्यक्ति के व्यवहार से ऊर्मि प्रभाव पैदा हो सकता है जो दूरस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है।

हालांकि एक महत्वपूर्ण विषय में ये बनावटी मॉडल वास्तविकता के कतई करीब नहीं हैं: सिमुलाइटिस के विपरीत, covid-19 जानलेवा हो सकता है। हालांकि मृत्यु दर की सटीकता से जानकारी नहीं है, यह स्पष्ट है कि हमारे समाज के बुजुर्ग लोगों में covid-19 से मृत्यु का सबसे अधिक जोखिम है।

“यदि आप इसे और अधिक वास्तविक रूप से देखना चाहते हैं,” हैरिस ने कहा इस कहानी का प्रीव्यू देखने के बाद, “इनमें से कुछ बिंदु गायब हो जाने चाहिए।”

Harry Stevens

Harry Stevens joined The Washington Post as a graphics reporter in 2019.

इस कहानी के बारे में

इस कहानी के शीर्ष में उपलब्ध डाटा जो अमरीका में सूचित मामलों की संख्या को दर्शाता है, जॉन्स हॉपकिंस यूनिवरसिटी सेंटर फॉर सिस्टम्स साइन्स एंड इंजीन्यरिंग से एकत्रित किया गया है और GitHub पर डाउनलोड करने हेतु उपलब्ध है। कोरोनावाइरस परीक्षण में समस्याओं की वजह से और क्योंकि कई मामले इतने मंद होते हैं कि संक्रमित लोग डॉक्टर या हॉस्पिटल में नहीं जाते, यू एस में वास्तविक मामलों की संभावित संख्या संभवतः कहीं अधिक होगी।

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